Դ

Դ Search
Close Button
 
 

गर्मी में Exercise करने का सही समय और तरीका क्या है? गलत वक्त पर करोगे तो Heart पर असर पड़ेगा

Information By Dr. Keshav Chauhan     Medically Reviewed by Dr.Partap Chauhan

गर्मियों के दिनों में हमारा शरीर अंदर ही अंदर वैसे भी बहुत पसीना बहा रहा होता है। बाहर बरसती हुई आग और भयंकर गर्मी से निपटने के लिए उसे लगातार काम करना पड़ता है। शरीर खुद को ठंडा रखने की पूरी कोशिश करता है। ऐसी हालत में अगर हम अचानक से भारी-भरकम एक्सरसाइज या जिम करना शुरू कर दें, तो क्या होगा? 

अक्सर हम लोग खुद को 'फिट' दिखाने के चक्कर में मौसम की इस गर्मी को एकदम से अनदेखा कर देते हैं। आपकी यह आदत आपको फिट बिल्कुल नहीं बनाएगी। बल्कि यह आपको गहरी कमज़ोरी, डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) और बुरी तरह थकावट का शिकार ज़रूर बना देगी। इसीलिए यह बहुत ज़्यादा ज़रूरी हो जाता है कि गर्मी के दिनों में एक्स्ट्रा पसीना बहाने से पहले आप अपने शरीर की असली ताकत को समझें। साथ ही बाहर के मौसम का भी पूरा-पूरा ध्यान रखें।

गलत समय पर Exercise क्यों खतरनाक है?

गर्मियों के दिनों में दोपहर के वक्त या चिलचिलाती तेज़ धूप में वर्कआउट करना सच में एक बहुत बड़ा रिस्क लेने जैसा काम है। एक तरफ तो आसमान से बाहर आग बरस रही होती है। ऊपर से हमारा अपना शरीर उसी भयंकर गर्मी को ही संभालने में पूरी तरह से उलझा रहता है। ऐसे मुश्किल हालात में जब आप अचानक से भारी कसरत का बोझ शरीर पर डाल देते हैं, तो हालत खराब हो जाती है। शरीर के ऊपर 'थर्मल लोड' (Thermal Load) बढ़ जाता है। इसे आप सीधे-सीधे समझें तो यह गर्मी का एक तरह से डबल अटैक होता है।

इस स्थिति में शरीर का तापमान सही बना रहे, इसके लिए आपके दिल को अपनी आम क्षमता से कहीं ज़्यादा तेज़-तेज़ धड़कना पड़ता है। बात सिर्फ दिल की नहीं है। आपके दिमाग तक सही मात्रा में ऑक्सीजन और खून पहुँचाने के लिए भी दिल को बहुत एक्स्ट्रा ज़ोर लगाना पड़ता है। बस यही वो सबसे बड़ी वजह है कि गर्मी में गलत टाइम पर कसरत करने से अचानक से सिर चकराने लगता है। आँखों के ठीक सामने एकदम से घना अंधेरा छा जाता है। और तो और, कई बार इंसान बुरी तरह चक्कर खाकर ज़मीन पर गिर भी पड़ता है।

'हीट स्ट्रेस' (Heat Stress) और गर्मी का असर

जब बाहर का पारा एकदम आसमान छूने लगता है, तो शरीर को अंदर से नॉर्मल और ठंडा बनाए रखना किसी बहुत बड़ी चुनौती से कम बिल्कुल नहीं होता। हमारा शरीर पसीना बहाकर खुद को किसी तरह से ठंडा करने की पूरी कोशिश तो करता ही है। लेकिन कई बार उसकी ये कोशिश भी कम पड़ जाती है। नतीजा यह होता है कि शरीर के अंदर ही अंदर भयंकर गर्मी बढ़ने लग जाती है। इसी खतरनाक स्थिति को मेडिकल की दुनिया में 'हीट स्ट्रेस' का नाम दिया गया है।

आपको हर वक्त बिना कुछ भारी काम किए ही गहरी थकान महसूस होती रहेगी। आपका अपना पूरा शरीर आपको बड़ा भारी-भारी सा लगने लगेगा। आपके सिर में हमेशा एक अजीब सा दबाव और हल्का-हल्का दर्द बना रहेगा। अब ज़रा सोचिए, अगर आप शरीर की ऐसी गिरी हुई हालत में भी कसरत करने के लिए पहुंच गए, तो क्या होगा। समझ लीजिए कि आपकी बची-खुची एनर्जी भी पूरी तरह से एकदम ज़ीरो हो जाएगी। आप बहुत ही जल्दी थककर चूर हो जाएंगे। और सबसे बुरी बात, आपके शरीर में डिहाइड्रेशन का खतरा कई गुना ज़्यादा बढ़ जाएगा।

गलत समय पर Exercise का शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता है?

गर्मी के मौसम में Exercise करना फायदेमंद होता है, लेकिन इसका समय बहुत महत्वपूर्ण होता है। अगर व्यायाम गलत समय जैसे दोपहर या तेज धूप में किया जाए, तो यह शरीर पर भारी पड़ सकता है। इस समय शरीर पहले से ही गर्मी से जूझ रहा होता है और अतिरिक्त मेहनत उसे heat overload की स्थिति में ले जाती है।

  • शरीर भट्टी की तरह तपने लगेगा (Heat Overload)।
  • सारी एनर्जी पल भर में खत्म हो जाएगी।
  • पसीने के साथ शरीर का सारा ज़रूरी पानी और मिनरल्स बह जाएगा।
  • डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) का खतरा।
  • बहुत जल्दी थकावट और कमज़ोरी महसूस होना।
  • सिर का भारी होना या चक्कर आने की पूरी गुंजाइश।
  • स्टैमिना और परफॉर्मेंस का बिल्कुल गिर जाना।

Exercise का सही समय: सुबह, दोपहर और शाम का संतुलन 

 शरीर की ऊर्जा, मौसम और समय, ये तीनों मिलकर Exercise की गुणवत्ता तय करते हैं। सही समय पर किया गया व्यायाम शरीर को लाभ देता है, जबकि गलत समय पर किया गया व्यायाम नुकसान भी पहुँचा सकता है। इसलिए दिन के अलग-अलग हिस्सों में Exercise की प्रकृति और प्रभाव को समझना जरूरी है। 

एक्सरसाइज का सही टाइम: सुबह, दोपहर या शाम?

आपके शरीर की एनर्जी, मौसम और समय ये तीनों मिलकर तय करते हैं कि आपकी एक्सरसाइज कितनी असरदार होगी।

  • सुबह का टाइम (सबसे बेस्ट): कसरत के लिए सुबह का वक्त सबसे शानदार माना जाता है। इस वक्त मौसम ठंडा और शांत होता है। शरीर को बिना एक्स्ट्रा लोड के एनर्जी मिल जाती है। सुबह-सुबह आपका शरीर और दिमाग दोनों एकदम फ्रेश होते हैं, जिससे एक्सरसाइज का रिज़ल्ट बहुत अच्छा आता है।
  • दोपहर का टाइम (बिल्कुल मना): दोपहर में सूरज सिर पर होता है और शरीर पहले से ही गर्म होता है। ऐसे में कसरत करना शरीर पर जुल्म करने जैसा है। आयुर्वेद के हिसाब से इससे 'पित्त' बिगड़ जाता है, जिससे आप भयंकर रूप से थक सकते हैं और कमज़ोर पड़ सकते हैं।
  • शाम का टाइम (ठीक-ठाक): शाम का वक्त बैलेंस होता है। दिनभर काम करने के बाद शरीर थोड़ा रिलैक्स मूड में होता है। इस वक्त हल्की-फुल्की कसरत की जा सकती है, लेकिन बहुत भारी वेट लिफ्टिंग या हार्डकोर वर्कआउट से बचना चाहिए, वरना रिकवरी में टाइम लगता है।

शरीर का ताप संतुलन और दिल पर Exercise का असर

Exercise के दौरान शरीर को ज्यादा ऑक्सीजन और ऊर्जा की जरूरत होती है, इसलिए दिल तेजी से काम करने लगता है ताकि ब्लड पूरे शरीर में सही तरीके से पहुंच सके। यह एक सामान्य और जरूरी प्रक्रिया है, लेकिन जब मौसम गर्म होता है, तो शरीर को अपना तापमान संतुलित रखने के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है। ऐसे में दिल पर दोहरी जिम्मेदारी आ जाती है, एक तरफ मांसपेशियों को सपोर्ट करना और दूसरी तरफ शरीर को ठंडा रखने में मदद करना। इस स्थिति में कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम पर तनाव बढ़ सकता है, जिससे थकान जल्दी महसूस होती है और शरीर पर अतिरिक्त दबाव बन जाता है।

शरीर के इन सिग्नल्स को पहचानें, इग्नोर न करें

हमारा शरीर हमें हमेशा बताता है कि अंदर क्या चल रहा है। जब हम गर्मी में ज़्यादा मेहनत करते हैं, तो वो कुछ 'चेतावनी' देता है। इन्हें इग्नोर करने से छोटी बात बहुत बड़ी बन सकती है:

कसरत से पहले शरीर को तैयार करना (वार्म-अप)

एक्सरसाइज शुरू करने से पहले शरीर को 'जगाना' बहुत ज़रूरी है। वार्म-अप करने से नसें एक्टिव होती हैं और मसल्स में लचक आती है। आयुर्वेद भी मानता है कि इससे शरीर की एनर्जी बैलेंस होती है और आप किसी भी 'अचानक झटके' (इंजरी) से बच जाते हैं।

पसीना और शरीर की सफाई (Detox System)

पसीना आना शरीर का अपना एक नेचुरल तरीका है गंदगी और एक्स्ट्रा गर्मी को बाहर निकालने का। लेकिन बहुत ज़्यादा पसीना बह जाने से शरीर के ज़रूरी 'इलेक्ट्रोलाइट्स' (मिनरल्स) भी निकल जाते हैं, जिससे कमजोरी और थकान आ जाती है।

आयुर्वेद क्या कहता है? (गर्मी और पित्त का कनेक्शन)

आयुर्वेद के मुताबिक हमारा शरीर वात, पित्त और कफ से चलता है। गर्मी के मौसम में 'पित्त' (शरीर की गर्मी) अपने आप बढ़ जाता है। ऐसे में भारी कसरत करने से पित्त और भड़क जाता है, जिससे जलन, चक्कर और कमज़ोरी होती है।

आयुर्वेद यही सिखाता है कि जो लोग 'पित्त' प्रकृति के हैं (जिन्हें ज़्यादा गर्मी लगती है), उन्हें कसरत हल्की ही करनी चाहिए।

  • ठंडक बनाए रखें: शरीर को ठंडा रखने वाली दिनचर्या अपनाएं।
  • पानी की कमी न होने दें: खूब सारा पानी, नेचुरल जूस और नारियल पानी पिएं।
  • सांसों पर कंट्रोल: सही तरीके से सांस लेने (प्राणायाम) से शरीर की गर्मी शांत होती है और मन रिलैक्स होता है।
  • अपनी 'ओजस' (Energy) बचाएं: हद से ज़्यादा मेहनत शरीर की ताक़त को सोख लेती है।
  • रिलैक्स (Cool Down): कसरत खत्म करने के बाद अचानक न रुकें, धीरे-धीरे शरीर को रिलैक्स होने दें।

Exercise से पहले और बाद में सही आहार क्यों जरूरी है?

Exercise से पहले और बाद में लिया गया आहार शरीर की ऊर्जा, प्रदर्शन और रिकवरी पर सीधा असर डालता है। आयुर्वेद के अनुसार गर्मी के मौसम में हल्का, सुपाच्य और प्राकृतिक भोजन शरीर को स्थिर रखता है और पाचन अग्नि को संतुलित करता है। भारी, तला-भुना या मसालेदार भोजन शरीर पर अतिरिक्त बोझ डालता है, जिससे Exercise के दौरान थकान और असहजता बढ़ सकती है, जबकि बाद में रिकवरी धीमी हो जाती है। इसलिए संतुलित आहार न केवल ऊर्जा बनाए रखता है, बल्कि शरीर को गर्मी और शारीरिक तनाव से भी सुरक्षित रखता है।

निष्कर्ष

गर्मी के मौसम में Exercise तभी लाभकारी होती है जब उसके साथ सही आहार, संतुलित दिनचर्या और शरीर की क्षमता का ध्यान रखा जाए। हल्का और सुपाच्य भोजन शरीर की ऊर्जा को बनाए रखता है, जबकि भारी या तला-भुना भोजन गर्मी में शरीर पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है। इसलिए सही समय पर सही भोजन लेना और शरीर के संकेतों को समझना ही सुरक्षित और प्रभावी फिटनेस की कुंजी है।

Disclaimer: This blog is for informational purposes only and should not be considered medical advice. The content is not intended to replace professional diagnosis, treatment, or medical guidance. For personalised healthcare advice and appropriate treatment, please consult a qualified and experienced Դ doctor.

FAQs

हाँ, लेकिन सही समय जैसे सुबह या शाम में हल्की से मध्यम Exercise करना सुरक्षित माना जाता है। दोपहर की तेज धूप में व्यायाम से बचना चाहिए।

जब शरीर बाहर की गर्मी के कारण अपना तापमान संतुलित नहीं कर पाता, तो उसे Heat Stress कहते हैं। इसमें थकान, चक्कर और कमजोरी हो सकती है।

सुबह का समय सबसे अच्छा माना जाता है क्योंकि उस समय वातावरण ठंडा और शरीर अधिक संतुलित होता है।

हाँ, दोपहर में शरीर का तापमान पहले से अधिक होता है, इसलिए इस समय Exercise करने से थकान और डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ता है।

पर्याप्त पानी, नारियल पानी और हल्के प्राकृतिक तरल पदार्थों का सेवन करके शरीर को हाइड्रेट रखा जा सकता है।

पसीना शरीर का प्राकृतिक detox है, लेकिन अत्यधिक पसीना शरीर की ऊर्जा और मिनरल्स को कम कर सकता है।

हल्का और सुपाच्य भोजन जैसे फल, दलिया या हल्का स्नैक लेना बेहतर होता है।

नहीं, भारी और तला-भुना भोजन पाचन को धीमा करता है और Exercise के दौरान असुविधा पैदा कर सकता है।

अत्यधिक Exercise शरीर की ऊर्जा (ओजस) को कम कर सकती है, जिससे थकान और रिकवरी में देरी होती है।

Exercise के बाद शरीर को धीरे-धीरे शांत करना चाहिए, पानी पीना चाहिए और हल्का भोजन लेना चाहिए ताकि शरीर सामान्य स्थिति में आ सके।

Top Ayurveda Doctors

Social Timeline

Our Happy Patients

  • Sunita Malik - Knee Pain
  • Abhishek Mal - Diabetes
  • Vidit Aggarwal - Psoriasis
  • Shanti - Sleeping Disorder
  • Ranjana - Arthritis
  • Jyoti - Migraine
  • Renu Lamba - Diabetes
  • Kamla Singh - Bulging Disc
  • Rajesh Kumar - Psoriasis
  • Dhruv Dutta - Diabetes
  • Atharva - Respiratory Disease
  • Amey - Skin Problem
  • Asha - Joint Problem
  • Sanjeeta - Joint Pain
  • A B Mukherjee - Acidity
  • Deepak Sharma - Lower Back Pain
  • Vyjayanti - Pcod
  • Sunil Singh - Thyroid
  • Sarla Gupta - Post Surgery Challenges
  • Syed Masood Ahmed - Osteoarthritis & Bp
Book Free Consultation Call Us