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Ringworm (दाद) पूरे परिवार को — Cure और Prevent कैसे करें?

Information By Dr. Keshav Chauhan     Medically Reviewed by Dr.Partap Chauhan

पेट पर एक छोटा सा लाल रंग का गोल घेरा, जिसमें तेज़ खुजली होती है। आप केमिस्ट की दुकान से एक स्टेरॉयड वाली क्रीम लाते हैं, लगाते हैं और कुछ ही दिनों में वह घेरा जादुई तरीके से गायब हो जाता है। आप राहत की सांस लेते हैं। लेकिन असली कहानी इसके बाद शुरू होती है। पंद्रह दिन बाद वही दाद दोगुने आकार में वापस लौटता है। और इस बार सिर्फ आपके पेट पर नहीं, बल्कि आपकी पत्नी की गर्दन पर और आपके बच्चे के हाथ पर भी वैसे ही लाल घेरे दिखने लगते हैं।

देखते ही देखते, यह छोटा सा दाद पूरे परिवार का चैन छीन लेता है। तौलिया अलग करने, रोज़ चादरें धोने और तरह-तरह की क्रीमें लगाने के बावजूद यह फंगल इंफेक्शन Fungal Infection जाने का नाम नहीं लेता। असल में, जब हम दाद को केवल त्वचा की ऊपरी समस्या समझकर उसे क्रीमों से दबाने की कोशिश करते हैं, तो यह अंदर ही अंदर और ज़्यादा ज़िद्दी Resistant हो जाता है। अगर दाद आपके परिवार में एक से दूसरे सदस्य तक पहुँच रहा है, तो यह संकेत है कि आपको त्वचा के ऊपर नहीं, बल्कि शरीर के अंदर जमे हुए विषैले तत्वों Toxins और कमज़ोर इम्युनिटी का इलाज करने की ज़रूरत है।

दाद Ringworm शरीर में क्या संकेत देता है और यह पूरे परिवार में कैसे फैलता है?

दाद जिसे मेडिकल भाषा में Tinea या Dermatophytosis कहा जाता है कोई कीड़ा नहीं है, बल्कि यह एक फंगस है जो त्वचा, बालों और नाखूनों के मृत ऊतकों Dead tissues पर पनपता है। यह शरीर में कई गहरी समस्याओं का संकेत देता है:

  • रक्त में अशुद्धि Blood Toxicity: आयुर्वेद के अनुसार, दाद तब होता है जब हमारा खून रक्त धातु अंदर से अशुद्ध हो जाता है। गलत खान-पान से बनने वाले टॉक्सिन्स जब खून में मिलते हैं, तो त्वचा अपनी प्राकृतिक रोग-प्रतिरोधक क्षमता खो देती है।
  • नमी और पसीने का कुप्रभाव: फंगस को पनपने के लिए नमी Moisture और गर्मी Heat की ज़रूरत होती है। पसीने में भीगे कपड़े लंबे समय तक पहने रखना, या नहाने के बाद शरीर को ठीक से न पोंछना इसे सीधा निमंत्रण देता है।
  • बेहद संक्रामक प्रकृति Highly Contagious: यह फंगस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में बहुत तेज़ी से फैलता है। एक ही तौलिया, कंघी, कपड़े, या बिस्तर साझा करने से यह एक परिवार के सदस्य से दूसरे तक सेकंडों में पहुँच जाता है।
  • कमज़ोर इम्युनिटी: घर में सभी एक ही माहौल में रहते हैं, लेकिन दाद उसी को सबसे पहले पकड़ता है जिसका मेटाबॉलिज़्म और होती है।

दाद Ringworm के आयुर्वेदिक प्रकार और दोषों का प्रभाव

हर व्यक्ति की त्वचा और दोषों की प्रकृति अलग होती है। यही कारण है कि दाद हर किसी के शरीर पर एक जैसा नहीं दिखता। शरीर में त्रिदोषों वात, पित्त, कफ के बिगड़ने के आधार पर इसे मुख्य रूप से देखा जा सकता है:

  • वात-प्रधान दाद: इसमें दाद का घेरा बहुत रूखा Dry और खुरदरा होता है। त्वचा से पपड़ी Scaling झड़ने लगती है और इसमें बहुत तेज़, चुभने वाली खुजली होती है। त्वचा फटने लगती है और रूखापन हावी रहता है।
  • पित्त-प्रधान दाद: पित्त की अधिकता के कारण घेरे का रंग गहरा लाल या तांबे जैसा हो जाता है। इसमें खुजली के साथ-साथ भयंकर जलन Burning sensation होती है। कई बार इनमें से पीला पानी या पस Pus भी रिसने लगता है और यह बहुत तेज़ी से शरीर के बाकी हिस्सों में फैलता है।
  • कफ-प्रधान दाद: इसमें दाद के चकत्ते मोटे और उभरे हुए होते हैं। त्वचा का वह हिस्सा भारी और चिपचिपा महसूस होता है। खुजली बहुत गहरी होती है और खुजलाने पर हल्का चिपचिपा तरल पदार्थ निकलता है। यह दाद बहुत लंबे समय तक टिका रहता है।

क्या आपके या परिवार के सदस्यों में दाद के ये शुरुआती लक्षण दिख रहे हैं?

दाद शुरुआत में ही कुछ साफ संकेत देता है। अगर समय रहते इन्हें पहचान लिया जाए, तो इसे पूरे परिवार में फैलने से रोका जा सकता है:

  • लाल और गोल घेरे Ring-like patches: त्वचा पर सिक्के के आकार के लाल घेरे बनना, जिनका बाहरी किनारा उभरा हुआ और लाल होता है, जबकि बीच का हिस्सा सामान्य या साफ दिखता है।
  • रात के समय असहनीय खुजली: दिन भर सब ठीक रहता है, लेकिन जैसे ही आप रात को बिस्तर पर लेटते हैं या शरीर गर्म होता है, दाद वाले हिस्से में भयंकर खुजली Intense itching शुरू हो जाती है।
  • पसीने वाली जगहों पर संक्रमण: जांघों के बीच Jock itch, काँख Armpits, स्तनों के नीचे या पैरों की उँगलियों के बीच Athletes foot चकत्ते और त्वचा का कटना।
  • बालों का झड़ना: अगर यह सिर की त्वचा Scalp पर हो जाए, तो वहाँ से गोल पैच में बाल झड़ने लगते हैं और डैंड्रफ जैसी पपड़ी जमने लगती है।

दाद को नज़रअंदाज़ करने में लोग क्या गलतियाँ करते हैं और उनकी जटिलताएँ?

खुजली से तुरंत राहत पाने की जल्दबाज़ी में, मरीज़ अक्सर ऐसे कदम उठाते हैं जो दाद को एक लाइलाज और ज़िद्दी बीमारी Chronic Infection में बदल देते हैं:

  • स्टेरॉयड क्रीम्स Steroid Creams का अंधाधुंध इस्तेमाल: मेडिकल स्टोर से मिलने वाली ज़्यादातर क्रीमों में स्ट्रॉन्ग स्टेरॉयड होते हैं। ये क्रीम खुजली को तुरंत रोक देती हैं, लेकिन त्वचा की इम्युनिटी को पूरी तरह खत्म कर देती हैं। इसे Tinea Incognito कहते हैं, जहाँ दाद अपना रूप बदल लेता है और क्रीम छोड़ते ही भयंकर रूप से वापस आता है।
  • इलाज बीच में छोड़ देना: जैसे ही दाद दिखना बंद होता है, लोग दवा या क्रीम लगाना छोड़ देते हैं। जबकि फंगस त्वचा की निचली परतों में ज़िंदा रहता है और कुछ दिन बाद फिर से पनप जाता है।
  • हाइजीन की कमी: खुजलाने के बाद उन्हीं हाथों से शरीर के दूसरे हिस्सों को छूना, या संक्रमित कपड़ों को परिवार के बाकी कपड़ों के साथ एक ही बाल्टी में धोना।
  • भविष्य की गंभीर जटिलताएँ: अगर इसे जड़ से खत्म न किया जाए, तो त्वचा हमेशा के लिए काली और मोटी Lichenification हो सकती है। लगातार खुजलाने से घाव बन जाते हैं, जिनमें बैक्टीरियल इन्फेक्शन Secondary Bacterial Infection का खतरा पैदा हो जाता है।

आयुर्वेद दाद Ringworm और फंगल इंफेक्शन को कैसे समझता है?

आधुनिक विज्ञान जिसे फंगल इंफेक्शन कहता है, आयुर्वेद उसे कुष्ठ रोग के एक प्रकार दद्रु कुष्ठ Dadru Kushta के रूप में बहुत गहराई से समझता है।

  • रक्त और कफ-पित्त का प्रकोप: आयुर्वेद के अनुसार, जब शरीर में कफ और पित्त दोष एक साथ दूषित हो जाते हैं, तो वे हमारी त्वचा त्वक, रक्त Blood, मांस Muscle tissue और लसीका Lymph/Ambu को दूषित कर देते हैं।
  • विरुद्ध आहार Incompatible Foods का परिणाम: दूध के साथ मछली या खट्टे फल खाना, ठंडे और गर्म का गलत संयोजन, या बहुत ज़्यादा जंक फूड खाना पेट में आम Toxins पैदा करता है। यह टॉक्सिन जब खून के साथ त्वचा तक पहुँचता है, तो फंगस के लिए एक उपजाऊ ज़मीन तैयार कर देता है।
  • स्रोतोरोध Blockage of Channels: पसीना निकालने वाली ग्रंथियों Swedavaha Srotas में रुकावट आने से शरीर की अंदरूनी गंदगी बाहर नहीं निकल पाती, जो त्वचा के स्तर पर दाद के रूप में प्रकट होती है।

रक्त साफ करने और दाद मिटाने वाली आयुर्वेदिक डाइट

आपका खाना ही आपके खून को दूषित करता है और वही इसे साफ भी कर सकता है। दाद को जड़ से खत्म करने और इसे परिवार में फैलने से रोकने के लिए इस आयुर्वेदिक डाइट को अपनी रूटीन में शामिल करें।

आहार की श्रेणी क्या खाएं फायदेमंद - रक्त साफ करने वाले क्या न खाएं ट्रिगर फूड्स - खुजली और कफ-पित्त बढ़ाने वाले
अनाज Grains पुराना चावल, मूंग दाल की खिचड़ी, दलिया, जौ Barley। वाइट ब्रेड, मैदा, पिज़्ज़ा, नया चावल, भारी पचने वाले अनाज।
सब्ज़ियाँ Vegetables करेला, परवल, लौकी, तोरई, नीम के पत्ते, पत्तेदार हरी सब्ज़ियाँ। बैंगन, भिंडी, कटहल, टमाटर, आलू कफ और पित्त बढ़ाते हैं।
डेयरी और वसा Dairy & Fats ताज़ा और हल्का मट्ठा छाछ दोपहर के समय, गाय का शुद्ध घी सीमित मात्रा में। खट्टा दही, पुराना पनीर, बहुत ज़्यादा मक्खन, दूध के साथ नमक या फल विरुद्ध आहार।
स्वाद Tastes तिक्त कड़वा और कषाय कसैला रस वाली चीज़ें जो खून साफ करती हैं। बहुत ज़्यादा खट्टा, अत्यधिक नमक Salt, लाल मिर्च, और मीठा Sugar।
पेय पदार्थ Beverages गिलोय का रस, नीम का पानी, ताज़ा पानी। कैफीन, कोल्ड ड्रिंक्स, शराब Alcohol, डिब्बाबंद जूस।

दाद को जड़ से खत्म करने वाली चमत्कारी जड़ी-बूटियाँ

आयुर्वेद में प्रकृति ने हमें ऐसे दिव्य रसायन दिए हैं, जो बिना किसी स्टेरॉयड के फंगस को खत्म करते हैं और खून को पूरी तरह शुद्ध कर देते हैं:

  • नीम Neem: नीम दुनिया का सबसे बेहतरीन प्राकृतिक एंटी-फंगल और एंटी-बैक्टीरियल है। इसका सेवन खून को साफ करता है और इसके पत्तों के पानी से नहाने से त्वचा का संक्रमण खत्म होता है।
  • चक्रमर्द Chakramard / Cassia Tora: आयुर्वेद में इसे दाद-नाशक Dadrughna कहा गया है। इसके बीजों का लेप ज़िद्दी से ज़िद्दी दाद को जड़ से सुखाने में अचूक माना जाता है।
  • खदिर Khadir: कुष्ठ रोग और त्वचा के विकारों के लिए खदिर कत्था से बेहतर कोई औषधि नहीं है। यह रक्त को शुद्ध करने और त्वचा के प्राकृतिक रंग को लौटाने में मदद करता है।
  • मंजिष्ठा Manjistha: पित्त को शांत करने और खून की गर्मी को बाहर निकालने के लिए यह एक शानदार जड़ी-बूटी है। यह दाद के कारण पड़े काले निशानों को मिटाकर त्वचा को साफ करती है।
  • शुद्ध गंधक Purified Sulphur: गंधक रसायन आयुर्वेद की एक शक्तिशाली औषधि है जो त्वचा के गहरे फंगल और बैक्टीरियल संक्रमण को खत्म करने के लिए अंदर से काम करती है।

दाद के संक्रमण को खत्म करने वाली बेहतरीन आयुर्वेदिक थेरेपीज़

जब फंगस त्वचा की गहरी परतों और खून में रच-बस गया हो, तो केवल मौखिक दवाइयाँ काफी नहीं होतीं। पंचकर्म की ये बाहरी और आंतरिक थेरेपीज़ शरीर को तुरंत डिटॉक्स कर देती हैं:

  • विरेचन Virechana: यह एक मेडिकल प्यूरिफिकेशन थेरेपी है। इसमें औषधीय घी पिलाकर, पेट के रास्ते से बढ़े हुए पित्त और टॉक्सिन्स को शरीर से बाहर निकाला जाता है। दाद के बार-बार लौटने की समस्या इसमें खत्म हो जाती है।
  • लेपम Lepam: एंटी-फंगल और कफ-पित्त शामक जड़ी-बूटियों जैसे नीम, चक्रमर्द, गंधक का पेस्ट बनाकर दाद वाली जगह पर लगाया जाता है। यह खुजली और जलन को तुरंत रोकता है और फंगस को नष्ट करता है।
  • कषाय धारा Kashaya Dhara: औषधीय काढ़े को एक विशेष तरीके से त्वचा के संक्रमित हिस्से पर लगातार गिराया जाता है। यह त्वचा को गहराई से साफ करता है और संक्रमण को फैलने से रोकता है।
  • रक्तमोक्षण Raktamokshana: बहुत ही ज़िद्दी और पुराने दाद में, लीच थेरेपी Leech Therapy के ज़रिए त्वचा के उस हिस्से से अशुद्ध खून को निकाला जाता है, जिससे वहाँ ताज़ा और शुद्ध खून का प्रवाह हो सके और दाद तुरंत सूख जाए।

दाद के पूरी तरह ठीक होने और त्वचा के सामान्य होने में कितना समय लगता है?

बरसों से स्टेरॉयड क्रीम लगाकर बिगाड़े गए दाद और दूषित खून को दोबारा प्राकृतिक और स्वस्थ अवस्था में लाने में थोड़ा अनुशासित समय लगता है:

  • शुरुआती 1-2 महीने: रक्तशोधक औषधियों और सही डाइट से सबसे पहले आपकी भयंकर खुजली Itching और जलन कम होगी। दाद का फैलना रुक जाएगा और लालिमा कम होने लगेगी।
  • 3-4 महीने: दाद के उभरे हुए घेरे चपटे होने लगेंगे। पपड़ी झड़ना बंद हो जाएगी। त्वचा का रंग धीरे-धीरे सामान्य होने लगेगा और फंगस की पकड़ कमज़ोर हो जाएगी।
  • 5-6 महीने: रक्त धातु पूरी तरह शुद्ध हो जाएगी। आपका इम्युन सिस्टम रीबूट हो जाएगा। त्वचा पर दाद के कोई निशान नहीं बचेंगे और सबसे बड़ी बात—इलाज बंद करने के बाद भी दाद वापस नहीं लौटेगा।

आधुनिक और आयुर्वेदिक दृष्टिकोण में अंतर

ज़िद्दी दाद Ringworm और फंगल इंफेक्शन के इलाज को लेकर आधुनिक चिकित्सा और आयुर्वेद के नज़रिए में एक बहुत बड़ा और बुनियादी अंतर है।

श्रेणी आधुनिक चिकित्सा Symptomatic care आयुर्वेद Holistic care
इलाज का मुख्य लक्ष्य फंगस को मारने के लिए केवल त्वचा के ऊपर एंटी-फंगल या स्टेरॉयड क्रीम लगाना। रक्त को अंदर से साफ करना, 'आम' को पचाना और त्वचा की इम्युनिटी को प्राकृतिक रूप से बढ़ाना।
बीमारी को देखने का नज़रिया इसे केवल त्वचा के एक स्थानीय Local संक्रमण के रूप में देखना। इसे कमज़ोर पाचन, बिगड़े हुए दोषों कफ-पित्त और रक्त धातु के अशुद्ध होने का परिणाम मानना।
डाइट और लाइफस्टाइल महंगी क्रीम्स और लोशन की सलाह, लेकिन जठराग्नि या खान-पान के परहेज़ पर कोई खास ज़ोर नहीं दिया जाता। पित्त-शामक डाइट, सही साफ-सफाई, विरुद्ध आहार का त्याग और जड़ी-बूटियों को ही इलाज का सबसे बड़ा आधार माना जाता है।
लंबा असर क्रीम छोड़ने पर दाद अक्सर दुगनी तेज़ी से वापस आ जाता है और त्वचा को स्थायी नुकसान Thinning of skin पहुँचता है। शरीर अंदर से मज़बूत होता है और रक्त खुद को शुद्ध कर लेता है, जिससे इंसान स्थायी रूप से दाद-मुक्त रहता है।

 डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना कब ज़रूरी हो जाता है?

हालांकि आयुर्वेद दाद और फंगल इंफेक्शन को पूरी तरह रिवर्स कर सकता है, लेकिन अगर आपको अपने या परिवार के शरीर में ये कुछ गंभीर बदलाव दिखें, तो तुरंत मेडिकल जाँच ज़रूरी हो जाती है:

  • संक्रमण का पूरे शरीर पर फैलना: अगर लाल चकत्ते बहुत तेज़ी से पूरे शरीर छाती, पीठ, पैर को कवर करने लगें Erythroderma की स्थिति।
  • घाव से पस Pus निकलना और बुखार: अगर खुजलाने की वजह से दाद छिल गया है, उसमें से बदबूदार पीला पानी निकल रहा है और साथ में तेज़ बुखार आ रहा है बैक्टीरियल इंफेक्शन का संकेत।
  • नाखूनों का मोटा होना और टूटना: अगर फंगस आपके या परिवार के सदस्यों के नाखूनों तक पहुँच गया है, जिससे नाखून पीले, मोटे होकर टूट कर गिरने लगे हैं।
  • आँखों के आस-पास सूजन: अगर दाद चेहरे पर या आँखों के बहुत करीब आ गया है और वहाँ भारी सूजन आ गई है।

निष्कर्ष

शरीर पर दिखने वाला दाद का एक छोटा सा लाल घेरा महज़ त्वचा की बीमारी नहीं है; यह आपके शरीर का वह चीखता हुआ अलार्म है जो बता रहा है कि आपके खून में टॉक्सिन्स Toxins भर चुके हैं, आपका कफ-पित्त दोष भड़क चुका है और आपकी इम्युनिटी भारी दबाव में है। जब आप इस अलार्म को रोज़ाना स्टेरॉयड वाली कृत्रिम क्रीमों से दबाते हैं, तो आप अपनी त्वचा को हील करने के बजाय उसे स्थायी रूप से कमज़ोर और फंगस का घर बना रहे होते हैं। यही कारण है कि यह बीमारी एक सदस्य से पूरे परिवार को अपनी चपेट में ले लेती है। क्रीम्स के इस खतरनाक चक्र से बाहर निकलें। अपने साफ-सफाई के तरीकों को सुधारें, विरुद्ध आहार से बचें और अपनी डाइट में करेला, नीम और मूंग दाल शामिल करें। खदिर, मंजिष्ठा और चक्रमर्द जैसी जादुई जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल करें, और विरेचन व लेपम थेरेपी से अपने अशुद्ध खून को प्राकृतिक रूप से डिटॉक्स करके नया जीवन दें। स्टेरॉयड के कारण अपनी त्वचा को खराब न होने दें, और अपने परिवार को स्थायी रूप से दाद-मुक्त बनाने के लिए आज ही जीवा आयुर्वेद से संपर्क करें।

Disclaimer: This blog is for informational purposes only and should not be considered medical advice. The content is not intended to replace professional diagnosis, treatment, or medical guidance. For personalised healthcare advice and appropriate treatment, please consult a qualified and experienced Դ doctor.

FAQs

दाद एक अत्यधिक संक्रामक फंगल इंफेक्शन है। यह संक्रमित व्यक्ति की त्वचा के सीधे संपर्क में आने से, या उनके इस्तेमाल किए गए तौलिए, कपड़े, बिस्तर, और कंघी के इस्तेमाल से बहुत तेज़ी से दूसरे व्यक्ति में फैल जाता है।

स्टेरॉयड क्रीम केवल सूजन और खुजली को दबाती हैं और त्वचा की लोकल इम्युनिटी को शून्य कर देती हैं। इससे फंगस मरता नहीं है बल्कि त्वचा की निचली परतों में छुप जाता है। जैसे ही आप क्रीम बंद करते हैं, फंगस दुगनी ताक़त (Tinea Incognito) के साथ वापस हमला करता है।

हाँ, बिल्कुल। पसीना और गंदगी फंगस को बढ़ाते हैं। रोज़ाना हल्के गुनगुने या ताज़े पानी में नीम के पत्ते उबालकर नहाना चाहिए। नहाने के बाद शरीर (खासकर जांघों और उँगलियों के बीच) को अच्छी तरह सुखाना बहुत ज़रूरी है।

नहीं। बाज़ार में मिलने वाले ज़्यादातर केमिकल युक्त साबुन त्वचा के प्राकृतिक ऑयल (pH level) को खत्म कर देते हैं, जिससे रूखापन और खुजली बढ़ जाती है। हमेशा माइल्ड आयुर्वेदिक साबुन या नीम और बेसन के उबटन का इस्तेमाल करें।

आयुर्वेद के अनुसार विरुद्ध आहार तुरंत बंद कर देना चाहिए। दूध के साथ खट्टे फल या मछली, खट्टा दही, बैंगन, भिंडी, बहुत अधिक नमक (Salt) और जंक फूड खाने से बचें, क्योंकि ये रक्त को दूषित करते हैं और खुजली बढ़ाते हैं।

हाँ। अगर दाद सिर की त्वचा (Tinea Capitis) पर हो जाए, तो फंगस बालों की जड़ों (Follicles) को कमज़ोर कर देता है। इससे सिर पर गोल पैच में बाल झड़ने लगते हैं और बहुत अधिक रूसी (Dandruff) हो जाती है।

संक्रमित व्यक्ति के कपड़े, तौलिए और चादरें रोज़ाना अलग से गर्म पानी में धोएं और तेज़ धूप में सुखाएं। घर में किसी के भी कपड़े शेयर न करें। संक्रमित व्यक्ति को अपने घाव को छूने के बाद हमेशा हाथ धोने चाहिए।

रात के समय जब हम बिस्तर पर लेटते हैं, तो शरीर का तापमान बढ़ता है और त्वचा में हल्की गर्मी व नमी पैदा होती है। फंगस इसी गर्म और नम माहौल में सबसे ज़्यादा सक्रिय होता है, जिससे रात में खुजली (Nocturnal itching) असहनीय हो जाती है।

सीधे तौर पर कच्चा लहसुन या नीबू रगड़ने से त्वचा बुरी तरह जल सकती है (Contact Dermatitis) और घाव बन सकता है। घरेलू नुस्खों के रूप में हमेशा ठंडी तासीर वाली चीज़ें जैसे नीम का पेस्ट या एलोवेरा जेल का इस्तेमाल करना सुरक्षित होता है।

बिल्कुल। आधुनिक चिकित्सा अक्सर केवल बाहरी क्रीम देती है, जबकि आयुर्वेद रक्त शोधन (खून की सफाई) और विरेचन के ज़रिए पेट के टॉक्सिन्स को बाहर निकालकर दाद को जड़ से खत्म करता है, जिससे इसके दोबारा होने की संभावना खत्म हो जाती है।

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